मुख्य पटल डॉ. देव स्वरूप

डॉ. देव स्वरूप

कुलपति

डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर के संस्थापक कुलपति (मार्च 2020-) डॉ. देव स्वरूप के पास हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति पद का अतिरिक्त प्रभार है।

भारत में शैक्षिक प्रशासन के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक लंबे और शानदार करियर में डॉ देव स्वरूप ने अपने अकादमिक और प्रशासनिक कौशल के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। भारतीय उच्च शिक्षा के सर्वोच्च वैधानिक निकाय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) में अतिरिक्त सचिव के रूप में उन्होंने राष्ट्र में उच्चतम स्तरों पर महत्वपूर्ण शैक्षिक नीतिगत मामलों की योजना बनाने और उनके निष्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पहले उन्होंने 25 से अधिक वर्षों के लिए यूजीसी में एक गतिशील और प्रमुख संघटक पदाधिकारी के रूप में ख्याति अर्जित की थी। इसमें एक दशक से अधिक समय तक यूजीसी के संयुक्त सचिव के रूप में उनका कुशल और बेदाग कार्यकाल भी शामिल है।

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राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति (2013-2014) के रूप में, उन्होंने अपने अद्वितीय संगठनात्मक और प्रशासनिक कौशल के लिए और अपने कर्तव्य पालन में अनुकरणीय अखंडता और दृढ़ ईमानदारी के लिए लोकश्रुत प्रशंसा अर्जित की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, पाठ्यक्रम डिजाइन, कक्षा संचालन, संबद्धता प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा नियमित व स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों में असंगतियों को दूर करने में सुधार शुरू किया। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय उनके कार्यकाल में फला-फूला और एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत को जीवंत करता नजर आया। वहां उनका कार्यकाल कुलपति के रूप में एक मील का पत्थर माना जाता है और संस्थान के लिए उनके द्वारा निर्धारित उत्कृष्टता के मानक सुशासन के मानदंड बन गए हैं।

डॉ स्वरूप ने अपने उल्लेखनीय करियर में कई विविध भूमिकाओं और कार्यों को पूरा करने में अपनी प्रशासनिक निपुणता से ख्याति अर्जित की है। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, योजना आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की कई समितियों में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति के साथ भारत में उच्च शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान किया है। इन निकायों के शासी बोर्ड और वित्त समितियों में होने के कारण डॉ देव स्वरूप अभिनव प्रस्तावों और सक्रिय हस्तक्षेपों ने कई भारतीय विश्वविद्यालयों को आंतरिक रूप से लाभान्वित किया है।

उच्च शिक्षा में सुधार के लिए डॉ. देव स्वरूप के उत्साह के चलते उन्होंने कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए कई यात्राएं की हैं। अपने संप्रेषण कौशल के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, ओमान सल्तनत आदि कई देशों में अपने समकक्षों के साथ उन्होंने घनिष्ठ संबंध बनाए हैं। डॉ स्वरूप को क्षेत्र अध्ययन और उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण के क्षेत्र में सराहनीय महत्व का व्यक्ति माना जाता है।

डॉ देव स्वरूप को न केवल अद्वितीय प्रशासनिक क्षमता के लिए बल्कि उनकी अकादमिक प्रतिभा के लिए भी पहचाना जाता है, जिसका प्रमाण उनका एक उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड और सामाजिक विज्ञान में डी. लिट. और पीएच-डी डिग्री है। अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं के अलावा, उन्होंने सक्रिय अकादमिक विमर्श में जगह बनाई है। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के विदेश नीति अध्ययन संस्थान में विजिटिंग प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें उल्लेखनीय भाषाई दक्षता और वाक्पटुता के साथ-साथ कविता और साहित्य का विपुल ज्ञान है, और इसके परिणामस्वरूप, उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर एक आकर्षक वक्ता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है। वे कला और भारतीय संस्कृति के पारखी और संरक्षक हैं, जिसे उन्होंने अपनी प्रशासनिक भूमिकाओं के माध्यम से हमेशा बढ़ावा दिया है।