मुख्य पटल व्‍यावहारिक हिन्‍दी में डिप्‍लोमा

व्‍यावहारिक हिन्‍दी में डिप्‍लोमा

पत्र-पत्रिकाओं, मीडिया के नए माध्यमों, विज्ञापनों और ऑनलाइन व्यवसाय आदि में हिंदी का प्रयोग दिनोंदिन बढ़ रहा है। इसका कारण भारत की राजभाषा होना और ग़ैर-हिंदी प्रदेशों में हिंदी का बढ़ना ही नहीं है। देश में हिंदी का अपना बहुत व्यापक क्षेत्र है। इसके अलावा विदेशों में भी हिंदी के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ा है। लेकिन इस अपूर्व प्रसार के साथ हिंदी के स्तर में गिरावट भी आई है। भाषा में अनुशासन शिथिल हुआ है और वर्तनी आदि की त्रुटियाँ बढ़ी हैं। हमारा पाठ्यक्रम इस दृष्टि से तैयार किया गया है कि विद्यार्थी हिंदी की ख़ूबियों और ख़ामियों को पहचानते हुए अच्छी हिंदी का सहज ज्ञान अर्जित कर सकें। इस शिक्षा में भाषा और व्याकरण की आम त्रुटियों को समझते हुए वे व्यावहारिक हिंदी में दीक्षित होंगे। पाठ्यक्रम में सहज अभिव्यक्ति, अनुवाद, तकनीकी शब्दावली, विभिन्न माध्‍यमों की भाषा संबंधी अपेक्षाओं आदि के बारे में बताया जाएगा। भाषा के जानकार लेखक, वरिष्ठ पत्रकार, अनुवादक और विज्ञापन विशेषज्ञ आदि अपने अनुभवों के आधार पर बेहतर, प्रभावी हिंदी के बारे में बात करेंगे।

स्तर: डिप्लोमा

अवधि: छः माह

क्रेडिट: 120

सीट संख्या: 30(स्व वित्तपोषित)

शैक्षणिक अर्हता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से सीनियर सेकंडरी या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण