मुख्य पटल शोध (पीएच-डी)

शोध (पीएच-डी)

सत्र 2020-21 से मीडिया स्‍टडीज और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया विभागों के अंतर्गत पीएच-डी का अध्ययन (शोध कार्य) होगा। इस अध्ययन में प्रवेश विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुसार एक परीक्षा के माध्‍यम से दिए जाएँगे। किसी भी विषय में (न्यूनतम 55% प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण) स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्‍य पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में उपलब्ध तथ्यों और जानकारी के विवेचन के साथ मौलिक संधान को बढ़ावा देना है। मीडिया के क्षेत्र (इंडस्‍ट्री) और उसकी अकादमिक शाखाओं में गहन अध्‍ययन की रुचि रखने वालों को यह शोध-पाठ्यक्रम नई संभावनाएँ प्रदान करेगा।

प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को शोधार्थी के रूप में पंजीकृत होने से पहले छह माह का 'कोर्स वर्क' करना होगा। इस आयोजन में शोधार्थी पत्रकारिता और जनसंचार के विभिन्‍न पहलुओं पर शोध की कार्यविधि और प्रवृत्तियों से परिचित हो सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले विषय-विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान मार्गदर्शक साबित होंगे।

(यह स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम है। इसके शुल्क में छूट का प्रावधान नहीं।)

शोध केंद्र एवं पीएच-डी