मुख्य पटल श्री कलराज मिश्र (कुलाधिपति, माननीय राज्यपाल)

श्री कलराज मिश्र

कुलाधिपति, माननीय राज्यपाल

श्री कलराज मिश्र का जन्म 1 जुलाई, 1941 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गाँव मलिकपुर (सैदपुर) में एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ था। वाराणसी स्थित महात्मा गांधी विद्यापीठ से एमए करने के बाद श्री मिश्र सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय रहे। केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और उसके बाद हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद पर आसीन रहने के बाद सोमवार, 9 सितंबर, 2019 को उन्होंने राजस्थान के माननीय राज्यपाल के रूप में शपथ ली।

कार्यकारी एवं विधायी दायित्व

श्री मिश्र वर्ष 2014 से 2017 तक भारत सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री रहे। सर्वप्रथम 1978 में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद वे 2012 तक कुल तीन बार इस उच्च सदन के सदस्य रहे। इस बीच 1986 से 2001 के दौरान वे तीन बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के सदस्य चुने गए तथा 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। विधायक रहते हुए ही 2014 में श्री मिश्र ने देवरिया (उत्तर प्रदेश) से लोकसभा का चुनाव जीता और केंद्रीय मंत्री बने। इससे पूर्व श्री मिश्र 1997 से 2000 के बीच उत्तर प्रदेश सरकार में पर्यटन, लोक निर्माण, चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं।

श्री मिश्र ने चार विधायी सदनों के सदस्य रहते हुए सुदीर्घ विधायी अनुभव अर्जित किया। उन्हें राज्यसभा के उपाध्यक्ष के पैनल और लोकसभा-अध्यक्ष के पैनल में मनोनीत किया गया। वे रक्षा मामलों की संसदीय समिति, लाभ के पद पर संसदीय समिति और अधीनस्थ विधान समिति के अलावा उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की विधायी सद्भावना समिति के अध्यक्ष भी रहे।

राजनीतिक गतिविधि

श्री मिश्र भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हैं। चार बार भाजपा के महामंत्री रहने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का पद बड़ी कुशलता से संभाला। इससे पहले श्री मिश्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। उन्हें तत्कालीन भारतीय जनसंघ का पूर्वी उत्तर प्रदेश का संगठन मंत्री नियुक्त किया गया। सत्तर के दशक में उन्होंने संपूर्ण क्रांति आंदोलन के पूर्वी उत्तर प्रदेश के संयोजक का कार्य किया। आपातकाल के दौरान श्री मिश्र 19 माह देवरिया जेल में कैद रहे। भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय होने पर उन्होंने इसके विभिन्न घटकों के युवा संगठनों की समन्वय समिति की अध्यक्षता की। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष रहे। जब उत्तर प्रदेश में से अलग उत्तरांचल राज्य के निर्माण का आंदोलन चला, श्री मिश्र ने उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद् की "उत्तरांचल निर्माण समिति" की उपसमिति के संयोजक के रूप में भूमिका निभाई।

यात्राएँ

श्री मिश्र ने मार्च, 1979 में भारतीय सद्भावना शिष्टमंडल के सदस्य के रूप में रूस, उत्तर कोरिया, जापान, चीन और हांगकांग की यात्रा की। उन्होंने 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 59वें सत्र में संसदीय शिष्टमंडल के सदस्य के रूप में सहभागिता की। संयुक्त राज्य अमरीका के डलास में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में श्री मिश्र शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, यूनान, पुर्तगाल, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और ब्रिटेन की यात्रा की है।

सृजन

श्री कलराज मिश्र ने हिंदी और अंग्रेजी की पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर अनेक लेख लिखे हैं। इसके अलावा उनकी तीन पुस्तकें भी प्रकाशित हैं: भारत में उद्यमिता, हिंदुत्व-एक जीवन शैली और जुडिशियल एकाउंटेबिलिटी (न्यायिक जवाबदेही)

उपलब्धियाँ

श्री मिश्र के कार्यकाल में, पर्यटन के क्षेत्र मे उत्तर प्रदेश को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार देश के उत्कृष्ट निष्पादन राज्य (परफॉर्मिंग स्टेट) का पुरस्कार मिला। उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री के रूप में, राज्य की सड़क विकास नीति तैयार की। पहली बार दीनदयाल लिंक रोड योजना के तहत अधिक से अधिक गांवों मे लिंक रोड का निर्माण कराया गया और लगभग सवा सौ पुलों का निर्माण कराके एक कीर्तिमान बनाया। सड़क के स्तर को बढा़कर बडे़ पैमाने पर राजमार्गो को सुधारने, चौड़ा एवं गड्ढे मुक्त सड़क अभियान चलाकर सड़क-क्रांति पैदा की। उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल में कार्यरत रहते हुए श्री मिश्र ताईक्वांडो संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे।

वर्तमान में

श्री मिश्र राजस्थान के माननीय राज्यपाल के रूप में राजस्थान के समस्त वित्तपोषित राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। इसके अलावा वे रेड क्रॉस सोसायटी राजस्थान, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड राजस्थान और राजस्थान के भूतपूर्व सैनिकों के हितार्थ गठित समेकित निधि प्रबंध समिति के अध्यक्ष तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राजस्थान के संरक्षक हैं।